योग तर्क नहीं साक्षात्कार है

योग तर्क नहीं साक्षात्कार है

 

योग शब्द सुनने में जितना सरल और सहज लगता है उसे जीवन में अपनाना उतना ही चुनौतीपूर्ण है क्योंकि आज की इस भागती दौड़ती जिंदगी में योग के लिए समय निकालना और सरल जीवन जीना बहुत ही मुश्किल है | प्रत्येक व्यक्ति अपनी जीवन शैली अपनी सुविधा के अनुसार जीना चाहता है और इसी कारण अपने शरीर को भी आरामदेह स्थिति में रखता है |

यही मनो स्थिति शारीरिक समस्याएं और बीमारियां उत्पन्न करती है और व्यक्ति भौतिक रूप से सुख संपन्न होते हुए भी आनंदित नहीं रह पाता | 

 ईश्वर के दिए हुए इस अनमोल जीवन रूपी तोहफे और देश का ध्यान रखना हमारा स्वयं का ही कर्तव्य है | जैसे हम अपनी धन-संपत्ति की रक्षा के लिए तिजोरी का प्रयोग करते हैं उसी प्रकार अपने शरीर की रक्षा के लिए योग कीजिए |

 

योग एक ऐसा साधन है जिससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं | यह परंपरा आज की नहीं है अपितु हमारे ऋषि मुनियों की देन है जो तर्क का नहीं अपितु साक्षात्कार का विषय है | और इसे आज के वैज्ञानिक युग में भी सर्व मान्यता और लोकप्रियता मिल रही है | आज योग मात्र साधु-संतों और आश्रमों तक ही सीमित नहीं रह गया है अपितु पिछले कुछ दशकों से इसने हमारे दैनिक जीवन में अपना स्थान बनाने की कोशिश की है | दुनिया भर में लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ी है|  

योग विज्ञान और इसकी विधियों को अब आधुनिक समाज की आवश्यकताओं एवं जीवन शैली के अनुरूप बनाते हुए लोगों के जीवन में समावेश कराने का प्रयत्न किया जा रहा है जिससे लोग तनाव मुक्त व्याधि मुक्त कष्ट मुक्त होकर स्वस्थ संतुष्ट और श्रेष्ठ जीवन व्यतीत कर सकें |

योग तर्क नहीं साक्षात्कार है

वैसे तो यह कहना  अतिशयोक्ति ना होगी कि योग जीवन के प्रत्येक पहलू का आधार है | जीवन का सर्वांगीण विकास है योग जीवन जीने की कला सिखाता है परंतु इसके लाभों को हमें कुछ मुख्य रूपों में प्रतिबंधित करना होगा जैसे :

GENERAL GUIDELINES FOR YOGA PRACTICE
  • दिन भर भरपूर ऊर्जा और उत्साह
  • तनाव डर और घबराहट से मुक्ति
  • मधुर और खुशहाल संबंध
  • यादाश्त एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि
  • आंतरिक शांति खुशहाली और संपूर्णता का अहसास
  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • स्वयं के प्रति जागरूक होना
  • आत्मसाक्षात्कार करना
  • सभी के प्रति मैत्री भाव और दयालुता का भाव
  • वास्तविक मानवता का विकास


इसके अतिरिक्त शारीरिक समस्याओं जैसे हृदय रोग हाई बीपी निम्न बीपी डायबिटीज सर्वाइकल कमर दर्द अर्थराइटिस जोड़ों का दर्द मोटापा किडनी से संबंधित समस्याएं माइग्रेनऔर ना जाने कितनी ही बीमारियों में योग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |

TRIKONASANA
SURYA NAMASKAR

योग एक ऐसी दवा है जिससे रोग जड़ से नष्ट होता है और शरीर का प्रत्येक अंग ऊर्जा से भर जाता है |

योग मन के उतार-चढ़ाव की स्थिरता है |

योग प्रदान करता है भीतर ऊर्जा बाहर ऊर्जा |

योग करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपकरण जो आपको चाहिए वह है आपका शरीर और आपका मन |

योगा करने के लिए इच्छा शक्ति का मजबूत होना बहुत आवश्यक है |

इन्हीं शब्दों के साथ में अपनी बात को विराम देती हूं आशा है आप योग के महत्व को समझ कर उसे अपने जीवन में अपनाने का निर्णय लेंगे |

                                     धन्यवाद

                दीप्ति जैन

योगा इंस्ट्रक्टर

 

                  

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